
作者:北安平杜 来源:原创 发布日期:08-27

A | 据贵州省纪委监委1月10日消息,贵州省委巡视组正厅长级巡视专员、一级高级监察官申勇涉嫌严重违纪违法,目前正接受纪律审查和监察调查。申勇 资料图申勇出生于1964年5月,贵州仁怀人,1985年7月加入中国共产党,1985年8月参加工作,大学毕业,工学学士。他曾在贵州省委组织部知工办、人才工作处工作,后任省国资委党委委员、纪委书记,省国资委党委委员、副主任,省纪委派驻省国资委纪检组长,省国资委党委副书记、副主任,贵州省委第十一巡视组组长,省委第三巡视组组长,省委第四巡视组组长等职。 जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने रक्त चढ़ाने के बाद बच्चे को एचआइवी संक्रमित होने पर स्वत: संज्ञान लिया है। अदालत ने इस मामले में स्वास्थ्य सचिव और रांची सदर अस्पताल के सिविल सर्जन को प्रतिवादी बनाते हुए जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को संभव है। जानकारी के अनुसार थैलेसीमिया बच्चे को रांची सदर अस्पताल में ब्लड चढ़ाया गया था। उसके बाद उसे एचआइवी संक्रमित पाया गया। बच्चे के पिता ने हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है। इस पर संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव और सिविल सर्जन से जवाब मांगा है। इधर, सदर अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस मामले की जांच हो चुकी है और इसका जवाब कोर्ट में दिया जाएगा। यह आठ माह पुराना मामला है, जिसे लेकर तीन बार जांच कर रिपोर्ट बनायी जा चुकी है।,अभी शिकायत मिलने के बाद कोर्ट ने संज्ञान लिया है। बताया गया कि कोई भी ब्लड पूरी तरह से सुरक्षित नहीं माना जा सकता। यदि कोई व्यक्ति रक्तदान करता है और उसे कुछ दिन पहले ही एचआइवी हुआ हो तो उसके ब्लड जांच में यह नहीं आएगा। इसे विंडो पीरियड कहा जाता है। इस पीरियड में यदि कोई संक्रमित है तो उसे पहचान पाना मुश्किल है। ऐसे में वैसे रक्तदान से बचा जाता है जो प्रोफेशनल है, उन्हें रक्तदान करने से मना किया जाता है। सदर अस्पताल में तीन स्तर से ब्लड की जांच होती है जिसमें इस तरह की गड़बड़ी नहीं हो सकती है।,
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